Everything about यह मंत्र लिखने के दस मिनट बाद जो नाम 10 बार बोलोगे वो वश में हो जायगा +91-9914666697




 जिन्हें ईश्वर ने जरा सी भी बुद्धि दी है वो तो उपरोक्त वर्णन से ही समझ चुके होंगे !

He calmly listen me and thought of my horoscope and instructed me that there is a Shani Dosha in my horoscope then I asked for Pandit ji to eliminate it. He requested me to perform a ritual for 3 days. Following some times my problems started to change and now I'm pleased with my lifestyle. See Extra

परन्तु साँई बाबा कौन थे? उनका आचरण व व्यवहार कैसा था? इन सबके लिए हमेँ निर्भर होना पड़ता है “साँई सत्चरित्र” पर!

स्तुति, मंत्र, चालीसा, आरती, भजन, व्रत कथा सब कुछ बना डाला… साई को अवतार बनाकर, भगवान बनाकर, और कही कही भगवान से भी बड़ा बना डाला है…

Following a couple of years however, Abdul was denied his position as tomb custodian in 1922. A notable Hindu devotee, Hari Sitaram Dixit, overruled the authority of Abdul by putting together a Community Belief throughout the Ahmednagar District court, Along with the intention of administering the tomb. Abdul was persuaded by sympathisers to challenge the court docket ruling and to file a counter-go well with declaring that he was the authorized heir to Sai Baba Which the Public Belief was unlawful.



साईं भक्तों बाबा ने अपने मुह से कभी अपने जन्म,माँ,बाप और अपने गुरु के बारे में नहीं कहा,तो यह झूठी कहानियां किसलिए सिर्फ बाबा के नाम पर पैसे बटोरने के लिए.आँखें खोलो और साजिश को समझो.

न्यूज़ वाले तो भांड है पैसा दो काम कराओ !

As my daughter was under the impact of Vashikaran, that was practiced by a boy residing in our Avenue. She informed us that she choose to marry that boy but we understood that the boy does almost nothing and he is a dr...ug addict also we advised her but she wasn't willing to listen us.

मजार में बदल दिया उस जिहादी साईं के साथ राम और ॐ लगाने का क्या तर्क???

हाथ जल जाने के पश्चात एक कुष्ठ-पीडित भक्त भागोजी सिंदिया उनके हाथ पर सदैव पट्टी बाँधते थे । उनका कार्य था प्रतिदिन जले हुए स्थान पर घी मलना और उसके ऊपर एक पत्ता रखकर पट्टियों से उसे पुनः पूर्ववत् कस कर बाँध देना । घाव शीघ्र भर जाये, click here इसके लिये नानासाहेब चाँदोरकर ने पट्टी छोड़ने तथा डाँ.

३. इस तथाकथित अवतार ने शिव/राम/कृष्ण शब्द अपने मुख से एक बार भी नही निकाला । मस्जिद में click here रहने वाला सदेव अल्लाह मालिक कहने वाला यदि एकबार here Vashikaran Easy Method ये नाम ले लेता तो क्या ये हिन्दू -मुस्लिम एकता में योगदान न निभाता ??

इसी प्रकार ये लोग पुनर्जन्म लेते रहेंगे,

मुग़ल काल में यह शब्द भारत उपमहाद्वीप में आया मुग़ल दरबार में बोली जाने वाली फारसी भाषा के शब्द आम जनता में प्रचलित होने लगे जहाँ “मुस्लिम फ़क़ीर” को सयेद,शाह या फिर “साई” भी बोला जाने लगा.

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